दोमाठ गाँव एक बहुत ही एतिहासिक गाँव है.यह उत्तरे प्रदेश के कुशीनगर जनपद के तमकुहीराज तहसील के सेवरही ब्लाक में पड़ता है.इसकी चौहदी पूरब में भगवानपुर गाँव है,पश्चिम में बैजुपट्टी एवं झडवा गाँव है, उत्तर दिशा में भावपुर एवं कोटवा गाँव है.तथा दक्षिण में भुलिया आगरवा एवं तरिया हंसराज है. यहाँ पर श्री कृषण कि शादी हुई थी रुकमनी जी से. इस लिए यहाँ पर आज भी रुख्मणि घाट है. मुगलों के ज़माने का यहाँ पर एक बहुत पुराना कर्बला है, जहा पर ५० गाँव के ताजिये दफनाये जाते है. यहाँ पर अंग्रेजो के ज़माने का एक बहुत ही पुरानी नील कि फैक्ट्री है.जो लगभग 1866 में बना था.और यहाँ से नील के कच्चे मॉल को लन्दन भेजा जाता था.यहाँ पर पुराने गरुण देव का स्थान भी है.यहाँ पर आजादी के बाद से सबसे ज्यादा ग्राम प्रधान का कार्यकाल श्री नगीना यादव का रहा है. वह 1967 से अभी तक ग्राम प्रधान है. यहाँ के एतिहासिक जानकारियों के लिए हरिकेश यादव आज भी सूचनाये जुटा रहे है....
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